नई दिल्लीअटलांटिक महासागर आज के समय में एक कब्रगाह बन चुका है जिसकी पास से गुजरते लोगों के लिए यह जगह अब किसी खतरे से कम नही है। 1500 लोगों की लील लेने के बाद अटलांटिक महासागर में ज भी ऐसे रहस्य छुपे है जिसके रहस्य को कोई नही सुलक्षा पा रहा है। जिसमें 111 साल पहले डूबा टाइटैनिक जहाज का डूबना भी एक प्रश्न बना हुआ है क्योकि इस जहाज को लेकर दावा किया जाता था कि यह जहाज कभी भी समुद्र में नहीं डूबेगा, लेकिन  आइसबर्ग से टकराने के बाद यह समुद्र के आगोश में समाकर रह गया।

अब 111 साल बाद एक बार फिर से टाइटैनिक सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, अभी हाल ही में टाइटैनिक का मलबा दिखाने गई एक पनडुब्बी अटलांटिक महासागर में जाकर अचानक गायब हो गई थी। जिसमें 5 लोग सवार होकर टाइटैनिक जहाज को देखने के लिए जा रहे थे लेकिन वे सभी पांचों लोग इस जहाज के नजदीक पहुंचते ही मौत का शिकार हो गए।

अब इस हादसे के बाद लोग कह रहे है कि इस स्थान को कब्रगाह माना जाना चाहिए, अटलांटिक महासागर में डूबे टाइटैनिक जहाज के डूबने से लेकर इसमें छुपे रहस्यों से आज तक कोई पर्दा नहीं उठ पाया है। आज हम आपको उन रहस्यों के बारे में बताते हैं।

साल 1912 की वो काली रात जब 14 और 15 अप्रैल को मिली अटलांटिक महासागर में डूबने वाला टाइटैनिक जहाज की घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इंग्लैंड के साउथम्पैटन से अमेरिका के न्यूयार्क की यात्रा पर जा रहे इस टाइटैनिक जहाज हादसे के दौरान 41 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रहा था। और अचानक सामने आए आइसबर्ग से टकराने के बाद वो महासागर में डूबा गया। इस हादसे में करीब 1500 लोगों उसी सागर में दफन होकर रह गए।  टाइटैनिक के डूबने को अब तक का सबसे बड़ा समुद्री हादसा माना जाता है।

सितंबर 1985 में यानि की 73 साल बाद इस टाइटैनिक जहाज के मलबे को खोजने का काम अमेरिका और फ्रांस ने लिया था। महासागर के समुद्रतल से करीब 2600 फीट नीचे इसका मलबा मिला था। अमेरिकी नौसेना ने इस जहाज को दो टुकड़ों में पाया था दोनों टुकड़े एक दूसरे से 800 मीटर दूर पड़े थे और आसपास भारी मात्रा में मलबा पड़ा था।

टाइटैनिक जहाज के लिए दावा किया जाता था कि यह जहाज में ऐसी तकनीकी से बनाया गया है कि जिससे यह कभी भी समुद्र में नहीं डूब सकेगा, लेकिन आइसबर्ग से टकराने के बाद समुद्र में समा गया।

दुनिया के सबसे बड़े जहाज टाइटैनिक के बारे में बताया गया है कि टाइटैनिक को बनाते वक्त उसके अंदर कुछ खास तरह के कंपार्टमेंट बनाए गए थे। इससे अगर किसी भी वजह से जहाज का एक हिस्सा डूब जाता है, तो भी उसका दूसरा हिस्सा नहीं डूबेगा। लेकिन इस तरह डिजाइन करने के बाद भी वह जहाज कैसे डूबा? इस सवाल का जवाब वैज्ञानिक आज तक पता नहीं लगा पाए। कई थ्योरी में कहा जाता है कि जहाज के मुख्य हिस्से में आधी लंबाई तक सुराख हो गया था जिसकी वजह से टाइटैनिक डूब गया।